त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड पर कुंभ के दौरान श्रद्धालु
Kumbh Mela 2027Read in English

नासिक कुंभ मेला 2027: सिंहस्थ की तारीखें, अमृत स्नान और यात्रा गाइड

गोदावरी तट पर सिंहस्थ कुंभ शुरू हो चुका है। नासिक और त्र्यंबकेश्वर के सभी अमृत स्नान, कौन सा घाट किसके लिए और यात्रा की योजना — हिंदी में।

Thrill On Hills Travel Deskअपडेट 2 November 20263 मिनट में पढ़ें
Photo: Prabirghose, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons
एक नज़र में
मेला शुरू
31 अक्टूबर 2026
अमृत स्नान (नासिक)
2 अगस्त, 31 अगस्त, 11 सितंबर 2027
अंतिम अमृत स्नान (त्र्यंबक)
12 सितंबर 2027
नदी
गोदावरी
इस गाइड में01नासिक कुंभ 2027 की तारीखें02नासिक या त्र्यंबकेश्वर — स्नान कहाँ करें?03कैसे पहुँचें

नासिक–त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 31 अक्टूबर 2026 को रामकुंड, पंचवटी और त्र्यंबकेश्वर में ध्वजारोहण के साथ शुरू हो चुका है। यह हर 12 साल में गोदावरी तट पर लगता है, जब बृहस्पति सिंह राशि में आते हैं — इसीलिए इसे सिंहस्थ कहते हैं।

मेला लंबा चलता है, लेकिन सबसे ज़्यादा भीड़ अगस्त–सितंबर 2027 के तीन अमृत (शाही) स्नान पर होगी, जब अखाड़े जुलूस के साथ स्नान करेंगे।

01नासिक कुंभ 2027 की तारीखें

तारीखपर्वस्थान
31 अक्टूबर 2026ध्वजारोहण — मेला शुरूरामकुंड, पंचवटी, त्र्यंबकेश्वर
29 जुलाई 2027नगर प्रदक्षिणानासिक
2 अगस्त 2027पहला अमृत स्नाननासिक और त्र्यंबकेश्वर
31 अगस्त 2027दूसरा अमृत स्नाननासिक और त्र्यंबकेश्वर
11 सितंबर 2027तीसरा अमृत स्नाननासिक (रामकुंड)
12 सितंबर 2027तीसरा अमृत स्नानत्र्यंबकेश्वर
24 जुलाई 2028ध्वज उतारना — मेला समाप्तनासिक और त्र्यंबकेश्वर

02नासिक या त्र्यंबकेश्वर — स्नान कहाँ करें?

सिंहस्थ दो जगह लगता है, जो लगभग 28 किमी दूर हैं। वैष्णव अखाड़े नासिक के पंचवटी में रामकुंड पर स्नान करते हैं और शैव अखाड़े त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास कुशावर्त कुंड पर।

  • रामकुंड, नासिक: बड़ा शहर, ज़्यादा होटल, परिवार के लिए आसान। कालाराम मंदिर, सीता गुफा और कपालेश्वर पास में।
  • कुशावर्त, त्र्यंबकेश्वर: छोटा मंदिर-नगर, स्नान के दिन बहुत भीड़; ज्योतिर्लिंग दर्शन किसी शांत दिन करें।
  • ज़्यादातर परिवार नासिक में ठहरते हैं और त्र्यंबकेश्वर किसी सामान्य दिन गाड़ी से जाते हैं।

03कैसे पहुँचें

  • मुंबई से: लगभग 170 किमी, सड़क से 4–5 घंटे; नासिक रोड स्टेशन तक ट्रेनें।
  • पुणे से: लगभग 210 किमी, 5–6 घंटे।
  • दिल्ली से: दिल्ली–मुंबई रूट की ट्रेनों से नासिक रोड, या नासिक (ओझर) / मुंबई तक फ़्लाइट।
  • गुजरात से: अहमदाबाद से लगभग 450 किमी, सड़क या सूरत होकर ट्रेन से।

तैयार यात्रा योजनाओं के लिए देखें नासिक कुंभ 2027 पैकेज। 2027 में हरिद्वार कुंभ भी है — 14 जनवरी से 20 अप्रैल तक।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नासिक कुंभ मेला 2027 कब है?

सिंहस्थ 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ शुरू हो चुका है। अमृत स्नान 2 अगस्त, 31 अगस्त और 11 सितंबर 2027 (त्र्यंबकेश्वर में 12 सितंबर) को हैं। मेला 24 जुलाई 2028 को समाप्त होगा।

2027 में कुंभ कहाँ-कहाँ लगेगा?

हरिद्वार में गंगा तट पर (14 जनवरी–20 अप्रैल 2027) और नासिक–त्र्यंबकेश्वर में गोदावरी तट पर (अमृत स्नान अगस्त–सितंबर 2027)।

नासिक से त्र्यंबकेश्वर कितनी दूर है?

लगभग 28 किमी, सामान्य दिनों में सड़क से करीब एक घंटा।

शाही स्नान कहाँ होता है?

वैष्णव अखाड़े नासिक के रामकुंड पर और शैव अखाड़े त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड पर।

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Thrill On Hills Travel Desk

Thrill On Hills की प्लानिंग टीम द्वारा लिखा गया, जो दिल्ली, हरिद्वार, मनाली, अहमदाबाद, हैदराबाद, अहमदनगर और भिलाई के ऑफ़िस से तीर्थ यात्राएँ और हॉलिडे प्लान करती है।

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